My Blog List

Family time in covid-19 lockdown


किन्हीं फुरसत के लम्हों की जो सालो से इच्छा थी
लो अब जा के मिल ही गए।

बीमारी के बहाने ही सही
कुछ उनकी सुन और दो मन की कह तो ली

लो एक चुस्की फुसरत की
बैठ बालकनी में नसीब हो ही गई

हाथो में ताज़ा अखबार नहीं तो क्या...
पुरानी गृहशोभा और संगिनी तो मिली।

अपनों से अपने कुछ शिक्वे तो मिटे
और अब जाकर घर की चारों दीवारें
..... एक साथ एक छत के नीचे बैठी तो सही।

बीमारी के सहारे ही सही
 दो बातें अपनों से हस बैठ के हुई तो सही।

--- नारायणी

Covid 19- Warriors

हां मैं मानती हूं
की खूब कोहराम मचा है
जिंदगी मौत के बीच एक संग्राम छिड़ा है।।

पर खुदा कसम
एक एक बन्दा आज अपनी जगह डट कर खड़ा है।

मुश्किल जरूर है...
पर हर एक फ़ौजी जीवन  इस बार बेझिझक खड़ा है।

मुझे इस बार भूखे ना सोना पड़े
तो सिर्फ अपनी औलाद के लिए नहीं
मेरे लिए भी एक बाप मुंह बांधे रात को ही
खाने का ट्रक लिए दुश्मन के सामने खड़ा है।

तो कहीं मैं दर्द में ना रों पडू
वो जवां... दिन रात मेरे लिए
सब भूल इलाज की जंग लड़ रहा है।।

This fight against corona is actually is a fight only bcz of these warriors.
Govt employees
Food suppliers
Electricity department
Water department
People in cleanliness

N most important the health department of nation
The doctors, nurses everybody associated to it are the true warriors.

If uh didn't our take stand, this fight would have ended so far with a huge defeat.
But , thnq for being with us.

---Narayani and every Indian citizen.

Covid_19

अगर यूं...
दूसरों का आशियाना ना उजाड़ा होता,
तो शायद आज यू
....खुद अपने घरों में कैद ना होते।।

काश के  सदियों तक...
इस धरा को आग में ना झौका होता,
तो शायद आज यूं
.... हमारा चूल्हा ताप के बिसर खाली ना होता।।

--- नारायणी

पहचान (conclusion)


हर पल दुःशासन का चीर हरण सहू
फिर भी महाभारत की वजह.जानी जाऊ मैं।

छोटी उम्र से दो कुनबों का मान ढो रही,
थोडा डगमगा जाउ, तो कुल नाशिनी मैं।

मेरे कदमो मे जन्नत मिले,
पर जीवन भर नरक सहु मैं।

जवाब के इंतजार में मरती जा रही हु,
नहीं मिला, तो इसकी भी अपराधी मैं!!!

--- नारायणी

पहचान

दरिया हु,
पर फिर भी प्यासी मैं।

रोशनी की किरण हु,
पर अन्धेरो मे कहीं गुमनाम मैं।

हर मन्जिल की राह हु,
पर खुद के रास्तों मे भटकी मै।

हर रिश्ते की नींव हु,
पर हर गलती का कारण मैं।

एक औरत हु,
अब मानुष बनना चाहु मैं।।

---नारायणी

Forever/ Window to the dark.

 Sitting on the couch in the bay window, she gazes the stars in the dark empyrean; the misty clouds playing with the moon and the balmy moon...