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Narayani ki kalam se

 लम्हे जो याद बन कर

चिलम को सुलगाते हैं,


वक्त के साथ धुआं हो कर,

नम आंखों की वजह भी बन जाते हैं।


--- नारायणी

Narayani ki kalam se

 गहरी तो वो आंखे हैं,

जिनमें एक जहां दिखता हैं।


प्यास की तड़प 

तो सिर्फ पानी चाहें...

वर्ना एक दरिया हैं,

जो सिर के ऊपर भी तो बहता है।


--- नारायणी

Narayani ki Kalam se

 कुछ गुफ्तगू जो उस रोज़ रह गई थी,

वो अभी बाकी है...


सांसे जो धड़कनों से रुसवा हुई थी,

सुलह बाकी है...


महफ़िल की रौनक भी जिसके नाम की थी,

जाम का प्याला हाथ में लिए वो प्यासा... 

                 .....शायद एक साकी है।।


--- नारायणी

आसमानी वफाएं

 दिन तो जैसे तैसे बीत जाता हैं,

शोर गुल की भीड़ में...

पर सनम, राते है,

जो बड़ी वीरानी लगती है।


तुम्हे याद करते करते,
होंठो पर मुस्कान तो आ जाती है...

पर आंखे तुम्हारे बिना,

बस खारे में डूबी रहती है।


कोई शिकवा नहीं,
तुम्हारी बेवफाई से मुझे...

ना नाराजगी प्यार भरे अल्फजो से,

पर हां... वफाओं की बाते अब कुछ आसमानी सी लगती है ।।


--- नारायणी

कुछ मेरे हिस्से का...



पूरी किताब ना सही,
कोई एक किस्सा तो मुझसे होगा ही...

किसी की मोहब्बत न तो दोस्ती में,
मेरा कुछ तो हिस्सा होगा ही...
चांद भले ना सही,
मेरे हिस्से में कुछ आसमान तो होगा ही।

बंद अलमारियों में छिपी कोई तस्वीर ना सही,
पर आज भी उन पुरानी किताबों मे तो मेरा दिया फूल होगा ही...

सावन में भीगी साथ बारिशों को नहीं,
शायद तेज़ धूप में मेरे साए को याद किया होगा ही...
चांद भले ना सही,
मेरे हिस्से में कुछ आसमान तो होगा ही।

दुनिया या दरिया के किनारे तो नहीं,
पर उन तंग गलियों से गुजरते वक्त__
               याद तुमने भी कभी तो किया होगा ही...

सुहानी सुबह और रंगीन शामो में ना सही,
लेकिन अंधेरी अकेली रातों में__
               मेरा कभी एक बार तो नाम लिया होगा ही...
चांद भले ना सही,
मेरे हिस्से में कुछ आसमान तो होगा ही।

--- नारायणी

Covid 19- Warriors

हां मैं मानती हूं
की खूब कोहराम मचा है
जिंदगी मौत के बीच एक संग्राम छिड़ा है।।

पर खुदा कसम
एक एक बन्दा आज अपनी जगह डट कर खड़ा है।

मुश्किल जरूर है...
पर हर एक फ़ौजी जीवन  इस बार बेझिझक खड़ा है।

मुझे इस बार भूखे ना सोना पड़े
तो सिर्फ अपनी औलाद के लिए नहीं
मेरे लिए भी एक बाप मुंह बांधे रात को ही
खाने का ट्रक लिए दुश्मन के सामने खड़ा है।

तो कहीं मैं दर्द में ना रों पडू
वो जवां... दिन रात मेरे लिए
सब भूल इलाज की जंग लड़ रहा है।।

This fight against corona is actually is a fight only bcz of these warriors.
Govt employees
Food suppliers
Electricity department
Water department
People in cleanliness

N most important the health department of nation
The doctors, nurses everybody associated to it are the true warriors.

If uh didn't our take stand, this fight would have ended so far with a huge defeat.
But , thnq for being with us.

---Narayani and every Indian citizen.

Covid_19

अगर यूं...
दूसरों का आशियाना ना उजाड़ा होता,
तो शायद आज यू
....खुद अपने घरों में कैद ना होते।।

काश के  सदियों तक...
इस धरा को आग में ना झौका होता,
तो शायद आज यूं
.... हमारा चूल्हा ताप के बिसर खाली ना होता।।

--- नारायणी

पहचान (conclusion)


हर पल दुःशासन का चीर हरण सहू
फिर भी महाभारत की वजह.जानी जाऊ मैं।

छोटी उम्र से दो कुनबों का मान ढो रही,
थोडा डगमगा जाउ, तो कुल नाशिनी मैं।

मेरे कदमो मे जन्नत मिले,
पर जीवन भर नरक सहु मैं।

जवाब के इंतजार में मरती जा रही हु,
नहीं मिला, तो इसकी भी अपराधी मैं!!!

--- नारायणी

पहचान

दरिया हु,
पर फिर भी प्यासी मैं।

रोशनी की किरण हु,
पर अन्धेरो मे कहीं गुमनाम मैं।

हर मन्जिल की राह हु,
पर खुद के रास्तों मे भटकी मै।

हर रिश्ते की नींव हु,
पर हर गलती का कारण मैं।

एक औरत हु,
अब मानुष बनना चाहु मैं।।

---नारायणी

Forever/ Window to the dark.

 Sitting on the couch in the bay window, she gazes the stars in the dark empyrean; the misty clouds playing with the moon and the balmy moon...